नशेड़ी भाई की पत्नी को दिया यौनसुख

पंजाबी भाभी चुदाई कहानी में मेरे ताऊ का बेटा शराबी थी. उनकी पत्नी बहुत दुखी थी. भाभी मुझसे अपने काम करवाती थी. एक बार भाभी ने मुझसे पैड मंगवाए.

मेरा नाम जीत है, उम्र 29 साल.
मैं पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला हूँ.

यह स्टोरी मेरी और मेरी भाभी (ताऊ की बहू) की पंजाबी भाभी चुदाई कहानी है कि कैसे मैंने उसको यौनसुख दिया और अपनी पत्नी के जैसे उसको रखा.

मेरी भाभी का नाम पूजा है और वो 28 साल की हैं।
उनका फिगर साइज क्या है, ये तो मुझे पता नहीं है, पर इतना जरूर कह सकता हूँ कि बूढ़े तक का लंड खड़ा करवा दे!

जब से भाई की शादी हुई थी, मैं भाभी से कम ही बोलता-चालता था।

पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

भाई नशा ज्यादा करता था, इसलिए भाभी से कम ही बोलचाल रखता था।
तो भाभी हर एक काम मेरे से ही करवाती थीं— बाजार जाना, शॉपिंग करना, सब्जी वगैरह लाना।

धीरे-धीरे मेरी भाभी से अच्छी बनने लग गई।
घर के काम से लेकर रिश्तेदारी तक में आने-जाने के लिए भाभी मुझे अपने साथ लेकर जाती थीं।

बात एक साल पुरानी है। एक बार भाभी को पीरियड्स आए थे और घर में कोई नहीं था।
सॉरी, मैं आपको अपनी फैमिली के बारे में बताना भूल गया।

मेरे घर में मैं, पापा, छोटा भाई, ताई, उनका बेटा (नशेड़ी) और उसकी पत्नी रहते हैं।
मेरी मम्मी की 2011 में डेथ हो गई थी।
हमारी जॉइंट फैमिली थी।

भाभी ने मेरे को बोला- मुझे मार्केट जाना है।
तो मैंने बोल दिया- आप मुझे बता दो क्या लाना है।

पर भाभी मना करने लगीं- मैं साथ में चलूँगी, कुछ जरूरी सामान लेकर आना है।
तो मैंने बोला, “आप मेरे को पर्ची बनाकर दे दो, मैं ले आऊँगा!”

तो भाभी ने मुझे पर्ची में ‘पैड’ का लिख दिया।
मैं मार्केट से लेकर आ गया और भाभी को दे दिया।

मैंने भाभी को पूछा कि ये क्या है?
तो वो बताने में आना-कानी करने लगीं।
मैंने भी ज्यादा फोर्स नहीं किया।

उसके बाद दिन बीतते गए।
थोड़े दिन बाद भाई ने नशा ज्यादा कर लिया, जिस कारण वो सड़क पर गिर गए।

उठ न पाने के कारण किसी ने उठाकर घर का एड्रेस पूछा तो उन्होंने बता दिया।
वो बंदा मेरा जानकार था तो उसने मुझे कॉल लगाकर पूछा कि आपके मोहल्ले का कोई लड़का नशा करके गिरा पड़ा है।
मैंने बोला कि आप उससे उसका नाम पूछो।
उन्होंने पूछकर नाम बताया तो मैं बोला कि ये तो मेरा भाई है!

फिर मैंने भाभी को बोला कि भाई सड़क पर गिर पड़े हैं।
तो भाभी ने बोला, “मैं भी साथ में जाऊँगी!”

मैंने मना किया तो भाभी नाराज हो गईँ।
फिर मैंने भाभी को मनाया और साथ में ले गया।

घर से थोड़ा दूर था, तो भाभी मेरे बाइक के पीछे बैठ गईं।
इससे पहले मैंने कभी भी भाभी के बारे में कुछ भी बुरा नहीं सोचा था।

पर जब भाभी पीछे बैठी थीं, तो उन्होंने मुझे कमर से पकड़ लिया और चिपक कर बैठ गईं।

घर से थोड़ा आगे जाने के बाद सड़क पर एक गड्ढा आया, तो भाभी की छाती मेरे पीठ पर फील हुई।
मुझे कुछ-कुछ होने लगा।
उसके बाद मैंने जान-बूझकर बाइक स्पीड पर करके बार-बार ब्रेक मार कर भाभी का मजा ले रहा था।

फिर हम भैया के पास पहुँच गए।
भाई को उठाने के लिए भाभी जैसे ही झुकीं, मुझे उनके बूब्स दिख गए और मेरा पैंट में तंबू बनने लग गया!

फिर मैंने और भाभी ने मिलकर भाई को उठाया।

जब मैं भाई की कमर के पास हाथ डाल रहा था, तो मेरा हाथ भाभी की गांड को टच हो गया, जिस कारण भाभी ने मुझे बड़ी अजीब सी स्माइल दी।

हमने भाई को बाइक पर बिठाया और घर को चल दिए।
घर पहुँचते ही भाई को बाइक से उतारकर मैंने और भाभी ने भाई को कमरे में ले गए।

बेड पर सुलाते ही भाई को नींद आ गई और मैं भी अपने कमरे में चला गया।

थोड़ी देर बाद भाभी ने मुझे आवाज लगाई।
मैंने सोचा पता नहीं क्या बात हो गई, तो मैं भाभी के कमरे में गया।

भाई ने नशे की हालत में बेड पर बाथरूम कर दिया था, जिस वजह से बेड सारा गीला हो गया था।

भाभी ने मेरे को बोला, “भाई के कपड़े चेंज करने हैं!”
मैंने बोला, “कोई बात नहीं भाभी जी, आप बाहर जाओ, मैं चेंज कर देता हूँ।”
तो भाभी ने बाहर जाने से मना कर दिया और कहा, “मैं भी हेल्प करवा देती हूँ!”

मैंने ओके बोला और भाई का अप्पर उतारने लग गया।
उतारकर टी-शर्ट पहनाई और बाद में लोअर को उतारने लगा.

तो भाभी ने बोल दिया, “मैं चेंज कर देती हूँ, आप इनको पकड़ कर रखो!”

मैंने ओके बोल दिया और भाई को पकड़ कर खड़ा हो गया।
भाभी बैठकर भाई की लोअर उतारने लगीं।

मैंने देखा कि भाभी ने कमीज के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी, जिस कारण उनके दूध जैसे गोरे चूचे बड़ी अच्छी तरह से दिख रहे थे।
लोअर नीचे उतरते ही मेरे को पता चला कि भाई ने लोअर के नीचे कुछ नहीं पहन रखा था।

मैंने इग्नोर करते हुए भाई के कपड़े चेंज करवाए और अपने कमरे में सोने चला गया।

मेरी आँखों में भाभी के गोरे-गोरे बूब्स घूम रहे थे।
फिर मैं भाभी को चोदने की कोई तरकीब सोचने लगा।
बूब्स के बारे में सोच-सोच कर मूठ मारकर, बिना पजामा पहने कमरे में वापस आकर सो गया।

सुबह भाभी कमरे की सफाई करने आईं, तो उन्होंने मेरा लंड देख लिया।

जिसे देखकर भाभी की आँखों में अजीब सी वासना पैदा हो गई, जो उन्होंने मुझे चुदाई के वक्त बताई।

जब मेरी आँख खुली, तो मैंने देखा कि कमरे में सफाई हो रखी है और मैं बिना कपड़े के सोया हुआ हूँ।
मैं डर गया कि कहीं ताई जी तो नहीं आई थीं कमरे में सफाई करने?
डर के मारे मैं बाहर भी नहीं निकला।

थोड़ी देर बाद भाभी ने मुझे आवाज लगाई, “खाना तैयार है देवर जी, आकर खा लो!”
मैं डरता-डरता बाहर गया और खाना खाने लग गया।

ताई जी को मैंने देखा कि वो तो नॉर्मल स्वभाव से मेरे साथ बातें कर रही थीं।
मुझे समझ में आया कि ताई कमरे में नहीं आई थीं।

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फिर मैं सोच में पड़ गया कि आखिर आया कौन होगा?

खाना खाने के बाद मैं किचन में पानी लेने गया तो भाभी से नजर मिली।
वो मुझे देखकर अजीब सी वासना भरी स्माइल कर रही थीं।

मैंने पूछ लिया, “भाभी, मेरे कमरे की सफाई किसने की?”
उन्होंने बोल दिया, “मैंने ही करी थी!”

तब जाकर मेरी जान में जान आई।

उसके बाद सब नॉर्मल चलता रहा, पर भाभी का मेरी तरफ नजरिया कुछ बदला-बदला सा था।
मैंने ज्यादा गौर न करते हुए इग्नोर कर दिया।

कुछ दिन बाद मेरे रिश्तेदार के घर में शादी थी।
मुझे काम से छुट्टी न मिलने की वजह से मैं जा नहीं पाया, बाकी सब जाने वाले थे।
हुआ कुछ यूँ कि भाभी के रिश्तेदार आ गए, जिन्होंने अगले दिन वापस जाना था।

वो आगे किसी शादी में गए थे, तो वापस जाते वक्त लेट हो गए जिस कारण वो रात हमारे यहाँ रुक गए।
उनकी वजह से भाभी का जाना भी कैंसिल हो गया।

पापा जी ने मुझे काम से घर बुलाया और बोला कि भाभी का ख्याल रखना।

मैं सबको ट्रेन पर चढ़ा कर वापस घर आ गया।

खाना खाने बैठा तो भाभी ने डीप गले वाली मैक्सी पहन रखी थी, जिसमें से उनके बूब्स को देखकर साफ पता चल रहा था कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी है।

फिर मैंने खाने के लिए भाभी को बोला।

उन्होंने बोला, “आज इकट्ठा खाना खा लेते हैं!”
मैंने भी बेझिझक बोल दिया, “कोई बात नहीं!”

वो मेरे सामने बैठ गईं प्लेट लेकर।

जैसे ही मैंने उनकी तरफ देखा, तो मुझे बड़ा अजीब लगा।
भाभी अपनी टांगों को जोड़कर बैठ गईं जिससे मुझे देखने को मिला कि भाभी ने पैंटी भी नहीं पहनी है!

पर मैंने ज्यादा ध्यान न देते हुए खाना खाया और ड्यूटी पर चला गया।

भाभी ने बोला, “देवर जी, शाम को जल्दी आ जाना, मेरे रिलेटिव्स ने आना है!”
मैंने ओके बोला और चला गया।

शाम को मैं 6 बजे आया तो घर पर अभी कोई नहीं आया था।

मैंने पूछा, “भाभी, कोई आया नहीं?”
उन्होंने बोला, “उनकी ट्रेन लेट है, 9-10 बजे तक आएंगे!”

मैंने बोला, “मैं बाहर जा रहा हूँ, थोड़ी देर में आता हूँ।”
तो भाभी ने मेरा हाथ पकड़ कर रोक लिया और बोला, “मुझे अकेला छोड़कर आप कहाँ जा रहे हो!”

मैंने बोला, “आप भी साथ में चलते रहो!”
भाभी ने बोला, “मैं चेंज करके आती हूँ!”

उसके बाद वो पैंट-टीशर्ट में आ गईं और चलने को बोलने लगीं।

मैं घर लॉक करके भाभी को लेकर बाइक से चल दिया।

रास्ते में भाभी ने फिर मेरी कमर पर हाथ डाल लिया और ‘यार-यार’ करके बातें करने लग गईं।

रास्ते में एक रेस्टोरेंट पर रुके और हमने खाना खाया।
थोड़ा घूमने के बाद वापस घर को चल दिए।

घर आने के बाद मैं नहाने चला गया।

नहाकर थोड़ी देर बरामदे में बैठकर फोन चलाया और भाभी को बोलकर अपने कमरे में सोने के लिए जाने लगा।

भाभी ने बोला, “मुझे अकेले छोड़कर आप सोने जा रहे हो!”
मैंने बोला, “मुझे सोना है।”

भाभी ने फ्लर्ट करते हुए कहा, “सोना है या गर्लफ्रेंड से वीडियो कॉल करनी है!”
मैंने भाभी को बोला, “मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।”

भाभी बोलने लगीं, “क्यूँ झूठ बोल रहे हो!”
मैंने कसम खाकर बोला कि मैं झूठ नहीं बोल रहा।

भाभी ने मजाक में कह दिया, “तभी कमरे में नंगे सोते हो!”
यह सुनकर मैं शॉक्ड हो गया।

मैं बोला, “मैं तो कभी नंगा सोया नहीं, आपने कब देख लिया!”
भाभी बोलीं, “उस दिन सफाई करने जब आपके कमरे में गई थी, तो आप नंगे सोए हुए थे!”

मैंने बोल दिया कि मैं थका हुआ था इसलिए पता नहीं चला।
भाभी ने बोला, “जब तक रिश्तेदार नहीं आ जाते, तब तक आप मेरे साथ बैठ जाओ!”

मैं मान गया और बैठ गया।
भाभी ने एलसीडी ऑन कर दी और हम फिल्म देखने लग गए।

मुझे हिंदी फिल्म अच्छी नहीं लगी तो मैंने चैनल चेंज करके हॉरर मूवी लगा दी।
मैं और भाभी सोफे पर बैठकर मूवी देखने लगे।

जब हॉरर सीन आया, तो भाभी जान-बूझकर डरने का नाटक करते हुए मेरे सीने से लग गईं।

मैंने फील किया कि भाभी ने ब्रा नहीं पहनी है।
मैंने भाभी को सीधा करते हुए कहा, “आप डरते क्यों हो, मैं हूँ ना!”

फिर वो देखने लगीं।
उनके बूब्स टच होने के कारण मुझे पुराना वाला भाभी का सीन याद आ गया— गोरे-गोरे बूब्स वाला।

मेरा खड़ा होने लग गया।

मैंने जेब में हाथ डालकर लंड को सेट करना चाहा तो भाभी ने देख लिया और मेरी तरफ देखकर स्माइल करने लगीं, कहने लगीं, “मूवी चेंज कर दो!”
तो मैंने चेंज कर दी.

अगले चैनल पर इमरान हाशमी की मूवी आ रही थी।
भाभी ने बोला, “ये चलने दो!”
मैंने चलने दी।

5 मिनट बाद किसिंग सीन आने लगा तो मैंने गर्दन नीचे कर ली।

भाभी देखती रहीं और फिर मेरी तरफ देखते ही बोलीं, “आपने गर्दन नीचे क्यों करी?”
मैंने बोला, “मुझे अच्छा नहीं लगता।”

भाभी बोलने लगीं, “जब हॉरर मूवी चल रही थी, तो आपका खड़ा हो रहा था!”

मैं अचंभित हो गया कि भाभी ये क्या बोल रही हैं!
मैंने बोला कि वो तो वैसे ही हो गया था।

तो उन्होंने कहा, “मुझे आपसे एक काम है, बोलो करोगे या नहीं!”
मैंने बोला, “भाभी आप जो बोलोगे, मैं वो सब कर दूँगा!”

भाभी बोलीं, “सोच लो, बाद में मना मत कर देना!”
मैंने बोला, “नहीं मना करूँगा।”

उन्होंने कहा, “मेरे शरीर में दर्द है, मालिश कर दो!”

मेरा तो खुशी का ठिकाना ही नहीं था कि भाभी का कोमल शरीर हाथ लगाने को मिलेगा!
मैंने ‘हाँ’ बोल दिया और तेल की शीशी उठाने चला गया।

जब वापस आया, तो भाभी अपनी मैक्सी को घुटनों के ऊपर तक करके दीवान बेड पर उल्टी लेटी हुई थीं।

मैंने पूछा, “पहले कहाँ से मसाज करूँ?”
उन्होंने बोला, “पैरों से लेकर घुटनों तक कर दो!”

मैंने हाथों पर तेल लगाया और मालिश चालू कर दी।
भाभी को थोड़ा सुख सा आने लगा।

फिर वो सीधी हुईं और घुटनों को मोड़ कर टांगें खड़ी कर लीं।
बोलने लगीं, “आगे वाली साइड से भी कर दो!”

जैसे ही मैंने मसाज शुरू करी, मेरा ध्यान भाभी की मैक्सी के अंदर गया।

भाभी ने अंदर कुछ नहीं पहना था और एकदम क्लीन शेव चूत थी।
मैंने हिम्मत करते हुए भाभी की जांघ पर मालिश करनी शुरू कर दी।

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उन्होंने मुझे कुछ नहीं बोला, तो मेरी हिम्मत बढ़ गई।
मैंने भाभी की चूत के पास थोड़ा हाथ लगाया, वो चुपचाप मालिश का मजा लेती रहीं।

फिर मैंने चूत पर हाथ लगा दिया!
उनको जैसे करंट सा लगा पर कुछ बोली नहीं और आराम से मजा लेती हुई लेटी रहीं।

मैंने एक उंगली आराम से भाभी की चूत के अंदर डाल दी।
मैंने देखा कि भाभी की चूत पहले ही गीली हुई पड़ी थी।

उंगली जाते ही भाभी के मुँह से सिसकारी निकली।
मैं समझ गया कि भाभी को मजा आ रहा है।

मैंने सोचा कि क्यों न भाभी को पूरा चरमसुख दिया जाए।
मैंने धीरे से भाभी की चूत में मुँह लगा दिया और किस करने लगा।

भाभी सिहर उठीं, बोलने लगीं, “प्लीज देवर जी, आपसे मुझे बहुत उम्मीद है कि आप मुझे निराश नहीं करोगे! आप मुझे यौन सुख का मजा दे दो, मैं आपकी सारी बातें मानूँगी और आपको हमेशा खुश रखूँगी!”
मैं बोला, “बताओ भाभी, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ!”

उन्होंने मेरे लिप्स से लिप्स जोड़ दिए और किस करने लगीं।
मुझे बहुत आनंद आने लगा और मैं बड़ी जोर-जोर से उनके लिप्स को काटने लगा और किस करने लगा।

भाभी बोलीं, “देवर जी आराम से कर लो, मैं आपके पास ही हूँ!”

मैंने लिप्स को छोड़कर भाभी की गर्दन पर किसिंग करना शुरू किया।
फिर उनको बोला कि सारे कपड़े निकाल दो।

मैंने भी अपने अंडरवियर को छोड़कर सारे कपड़े निकाल लिए और उनको हर एक जगह से चूसने लगा।

उनको बहुत मजा आ रहा था, वो बार-बार मेरे अंडरवियर में हाथ डालकर मेरे लंड को पकड़ने लगीं और सिसकारियां लेने लगीं।

धीरे-धीरे करते हुए मैं भाभी की चूत पर आ गया।

उनकी चूत की खुशबू आज भी याद करके मेरा लंड खड़ा हो जाता है!

वो अपने हाथ और पैर से मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगीं और ‘ऊऊ ऊऊह … आह आआआ’ करके कराहने लगीं।

फिर मैंने उठकर भाभी को पूछा, “भाभी, 69 की पोजीशन में आते हैं?”
उन्होंने पूछा, “वो क्या होता है?”

मैंने बताया, “मेरा लंड आपके मुँह के पास और मेरा मुँह आपकी चूत के पास होगा!”
वो पहले आना-कानी करने लगीं, फिर मान गईं।

हम 69 की पोजीशन में आ गए और एक-दूसरे को अच्छी तरह से चूमने-चूसने लग गए।

मैंने अपनी जीभ जैसे ही उनकी चूत में डाली, उनके मुँह से सिसकारी निकली।
कम से कम 20 मिनट चूसने के बाद उनका माल मेरे मुँह में निकल गया।

वो निढाल होकर मेरे ऊपर लेट गईं।
मेरे को बोलने लगीं, “प्लीज अब और बर्दाश्त नहीं होता, एक बार चुदाई कर लो! फिर चाहे जितना मर्जी चूस लेना!”

मैंने मौके की नजाकत को देखते हुए भाभी की कमर के नीचे तकिया लगाया और लंड पर तेल लगाकर धीरे-धीरे घुसाने लगा।
भाभी को थोड़ा-थोड़ा दर्द होने लगा।

वो बोलने लगीं, “जैसे मर्जी करो, पर आज मुझे अच्छी तरह से चोद दो! बहुत टाइम से प्यासी हूँ। आपके भैया से तो कुछ होता नहीं, नशा करके सोए रहते हैं। मुझे प्यासी को हमेशा सोना पड़ता है। जब से आपको नंगा देखा है, तब से मन बनाया है कि आपसे ही चुदना है! बस डर लगता था कि घर में सब होते हैं, कहीं बदनामी न हो जाए, पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था!”

फिर मैंने प्यासी भाभी की चूत में लंड घुसाना शुरू किया और धीरे-धीरे करके सारा लंड घुसा दिया और फिर धक्के लगाने शुरू कर दिए।
भाभी ने भी बराबर गांड उठा-उठा कर मजा लेना शुरू कर दिया।

फिर मैंने भाभी को नीचे से उठाकर ‘घोड़ी’ बनाया और पीछे से लंड उनकी चूत में डालने लगा।
कम से कम 20 मिनट करने के बाद मेरा होने को आया।

मैंने पूछा, “भाभी, कहाँ निकालूँ?”
वो बोलने लगीं, “अंदर ही निकाल दो! रात को आपके भैया ने सेक्स किया था, अगर बच्चा ठहर गया तो बोल दूँगी कि उनका ही है!”

फिर 10-15 धक्के मारने के बाद मेरी गरम-गरम पिचकारी निकली और मैंने भाभी की चूत भर दी।

पंजाबी भाभी चुदाई में रात के 10 बज गए थे।

हम थक कर सोने जाने लगे तो याद आया कि रिश्तेदारों ने आना था।
भाभी ने अपने मामा की बेटी को फोन किया तो वो बोलने लगे कि बस 15-20 मिनट में पहुँच जाएँगे।

उसके बाद भाभी खाना बनाने किचन में चली गईं और मैं साथ में हेल्प करवाने चला गया।

20-25 मिनट बाद भाभी के मामा-मामी और उनकी बेटी आ गए।
हमने साथ बैठकर सबने खाना खाया और मैं अपने कमरे में सोने चला गया।

सुबह मेरी आँख 7 बजे खुली तो भाभी अपने मामा-मामी के साथ बैठी बातें कर रही थीं।
मैं तैयार होकर अपने काम पर चला गया।

जब शाम को आया तो सब जा चुके थे और भाभी मेरे लिए तैयार हुई पड़ी थीं क्योंकि उनको अभी और चुदाई जो करवानी थी!

मेरे अंदर आते ही जैसे मैंने गेट बंद किया, भाभी मेरे गले लग गईं और मेरे गाल, लिप्स और गले पर किस करने लगीं।
मैंने भी साथ देना शुरू कर दिया और भाभी को अपनी गोद में उठाकर उनके कमरे में ले गया, बेड पर लिटा दिया और किस चालू कर दिया और बूब्स दबाने लग गया।

भाभी ने बोला, “कल रात जो आपने मुझे मजा दिया, मैं दिलो-जान से आपकी हो गई! जब भी आपका मन करे, आप मेरे को बोल देना, मैं हमेशा आपके लिए हाजिर रहूँगी!”

उस रात हमने कम से कम 3 बारी सेक्स किया।
अगले दिन घरवाले आ गए।

अब जब भी मेरा सेक्स करने को दिल करता है, भाभी हमेशा मेरे साथ सेक्स करने को तैयार रहती हैं।

कुछ दिन बाद जब भाभी को पीरियड्स नहीं आए, तो उन्होंने ताई जी को बताया कि वो भैया के बच्चे की माँ बनने वाली हैं।
9 महीने के बाद उनके पास एक गोलू बेटा पैदा हुआ।
वो बच्चा तो मेरा था, पर नाम भाई का करना पड़ा।
पर कोई बात नहीं, मुझे खुशी है कि जो खुशी भाई भाभी को नहीं दे सके, वो मैंने दी।

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