डबल पेनेट्रेशन 2 डिक स्टोरी में मेरे पति ड्यूटी पर चले गए तो मुझे लंड मिलना बंद हो गया. मैंने इन्स्टाग्राम चलाया तो एक अंकल 45-50 की उम्र के आस-पास मुझे फॉलो करने लगे।
मेरा नाम सोनिया है, मेरी उम्र 23 साल है।
शादी को 3 महीने हुए हैं।
रंग गोरा है, 32 ब्रा साइज है और 34 पैंटी।
मेरे हसबैंड सरकारी जॉब करते हैं।
शादी के एक महीने बाद ही वो चले गए, वो आर्मी में चौकीदार हैं।
वो बीच में एक बार घर आए और 4 दिनों में चले गए।
मुझको फोन दिलवा दिया.
इसी फोन से यह डबल पेनेट्रेशन 2 डिक स्टोरी बनी.
मैंने उनके जाने के बाद इन्स्टाग्राम डाउनलोड किया।
अभी चलाते हुए 2 ही दिन हुए थे कि एक अंकल 45 की उम्र के आस-पास मुझे फॉलो करने लगे।
मैंने उनकी फॉलो रिक्वेस्ट कैंसिल कर दी लेकिन वो बार-बार भेजने लगे।
मैंने उनको मैसेज करके मना किया कि “मत भेजो सर!”
अंकल बोले, “ठीक है, लेकिन आज-आज बात कर लो प्लीज!”
वो हाथ जोड़कर बोलने लगे।
मैं भी थोड़ी देर में मान गई।
मैंने कहा, “बोलो?”
आपका नाम क्या है?”
मैंने कहा, “सोनिया।”
वो बोले, “कहाँ की रहने वाली हो?”
“गुरुग्राम की।”
थोड़ी देर ऐसे ही मेरे बारे में पूछा, फिर बोले, “हसबैंड क्या करते हैं?”
मैंने कहा, “जॉब करते हैं जम्मू में।”
अंकल बोले, “तुमको साथ नहीं ले गए? अकेली का मन लग जाता है?”
मैंने कहा, “घर चलाने के लिए काम तो करना पड़ेगा और घर पर सासु माँ, ननद और ससुर जी हैं। सासु माँ और ससुर जी बीमार रहते हैं, इसीलिए रहना पड़ता है वरना तो साथ ही ले जाते।”
टाइम 11 बज गए, मैंने देखा तो उनको गुड नाईट बोला और उन्होंने भी गुड नाईट बोला।
अगली सुबह उठी तो उनका गुड मॉर्निंग आया हुआ था।
मैंने भी गुड मॉर्निंग बोला और घर का काम करके उनको मैसेज किया।
वो मुझे अच्छे लगे, कुछ गलत बात नहीं कर रहे थे।
ऐसे ही 5 दिन बात हुई।
फिर मेरे हसबैंड आए, उनसे मेरा झगड़ा हो गया।
पता नहीं किस बात का गुस्सा मुझ पर उतार दिया और अगले ही दिन चले गए।
मैंने अंकल को ये बात बताई तो वो मेरी साइड में बोले, जिससे मुझे वो और अच्छे लगे।
एक दिन मुझे कुछ पैसों की जरूरत पड़ी, मेरे भाई को चाहिए थे (वो मुझसे छोटा है)।
मैंने अंकल से माँगे, अंकल ने बिना कुछ सवाल किए 5000 भेज दिए।
फिर अगले दिन अंकल ने कहा, “तुम मेरी दोस्त हो, एक बात पूछूँ?”
मैंने कहा, “हाँ।”
अंकल बोले, “ना तो बुरा मानोगी और बतानी पड़ेगी!”
मैंने हाँ बोल दिया।
अंकल बोले, “पहली रात कैसी रही? बताओ मज़ा आया?”
मैंने कहा, “नहीं आया!”
अंकल बोले, “क्यों?”
मैंने कहा, “दर्द हुआ और खून निकला, मुझे डर लगा पहली बार हसबैंड से।”
अंकल बोले, “अभी तक कितनी बार सेक्स हुआ है?”
मैंने कहा, “7 बार।”
अंकल बोले, “बस!”
मैंने कहा, “हाँ।”
अंकल बोले, “अब तो मज़ा आता होगा?”
मैंने कहा, “हाँ आता है!”
अंकल बोले, “हसबैंड तो दूर हैं और तुम्हारा मन भी करता होगा?”
मैंने हाँ बोला।
अंकल बोले, “मेरा भी तुम्हारे जैसा हाल है! वाइफ बीमार रहती हैं और बूढ़ी हो गई हैं। मेरा भी मन करता है कोई हो मेरे साथ करने वाला।”
मैंने “हम्म” कहा।
अंकल बोले, “तुम कर लोगी किसी पराए मर्द से?”
मुझसे जल्दी-जल्दी में ये निकल गया, “डर लगता है! अगर उसने किसी को बता दिया और हसबैंड को पता चल गया तो? आजकल भरोसे वाला नहीं है कोई!”
अंकल बोले, “कोई भरोसे वाला है और तुमको उस पर भरोसा भी है!”
मैंने कहा, “कौन?”
अंकल बोले, “मैं!”
मैं कुछ नहीं बोली।
अंकल बोले, “समय मत सोच, कर बताना। मैं तुम्हारी हर चीज़ में हेल्प करता हूँ और दोनों की एक ही मजबूरी है!”
मैंने कहा, “बट अंकल हसबैंड को पता चला तो?”
उन्होंने कहा, “ना तो वो इधर हैं और ध्यान से मिलेंगे।”
मैंने रात को हाँ कर दी उनको।
उस दिन रात को वीडियो कॉल पर उन्होंने अपना लंड दिखाया।
मैं देखकर चौंक गई!
मेरे हसबैंड का तो इससे आधा होगा और नीचे बड़ी-बड़ी बॉल थीं।
अंकल बोले, “चौंको मत! रोज़ मालिश करता हूँ और 6 महीने हो गए अंदर से गर्मी नहीं निकली।”
फिर बोले, “तुम भी दिखाओ कुछ!”
अंकल बोले, “चूत तो बहुत छोटी है, लगता है सेक्स ही नहीं किया!”
उस दिन ऐसे ही दिखाया।
फिर अंकल बोले, “मिलना कब है?”
मैंने कहा, “कल सोचकर बताऊँगी।”
मैंने एक बहाना ढूँढ लिया।
2 किमी दूर हमारा एक पुराना घर है।
मैंने सासु माँ को बोला कि वहाँ की सफाई करनी है।
सासु माँ मान गई और बोली, “अच्छे से करना, वरना बिना सफाई के जल्दी गिर जाएगा।”
मैंने हाँ बोला और अंकल को परसों मिलने को कहा।
अंकल बोले, “ठीक है! लेकिन तुम अच्छे से नीचे सफाई करके आना और नीचे फैंसी ब्रा-पैंटी पहनना।”
उन्होंने 3000 भेज दिए।
मैं उसी दिन बाज़ार से ब्लैक ब्रा लाई जो जाली वाली थी, निप्पल से थोड़ा ऊपर कपड़ा था बस, मेरी चुच्ची पूरी बाहर दिख रही थी।
और ब्लैक पैंटी भी जाली वाली थी, मेरी चूत उसमें से थोड़ी-थोड़ी दिख रही थी।
फिर घर जाकर मैंने अंकल को एड्रेस दिया और कहा, “आप घर से थोड़ा दूर खड़े हो जाना। मेरे अंदर जाने के बाद, आस-पास देख लेना कि कोई है तो नहीं, फिर अंदर आ जाना।”
अगले दिन वो 7 बजे ही पहुँच गए।
मैं भी जल्दी तैयार होकर रेड सूट पहनकर, नीचे वही ब्रा-पैंटी पहनकर गई।
वहाँ एक कार खड़ी थी।
मैंने गेट खोला और अंदर चली गई।
अंदर एक कमरे का दरवाज़ा खोला जिसमें एक बेड और पुराना फर्नीचर पड़ा था।
मैंने बेड साफ़ किया।
थोड़ी देर में अंकल अंदर आए.
लेकिन मैं डर गई क्योंकि उनके साथ एक और अंकल थे जो पतले से थे।
मैंने अंकल को कहा, “ये कौन है?”
अंकल बोले, “घबराओ मत! मेरा ख़ास दोस्त है।”
उसका नाम धर्मपाल था और वो भी अंकल की उम्र के थे।
धर्मपाल ने नमस्ते की।
अंकल उनसे बोले, “थोड़ी देर बाहर जाओ।”
अंकल ने मुझे गले से लगाया।
मैंने भी लगाया।
अंकल बोले, “डरो मत! तुमको अच्छा मज़ा मिले इसीलिए लेकर आया हूँ। मुझे लगा तुम जवान हो, मैं बूढ़ा, मुझ पर तुम संतुष्ट नहीं हुई तो? अब कुछ बोलना मत, चुप!” और किस करने लगे।
थोड़ी देर किस करके बुब्स दबाने लगे और बेड पर लेटा दिया।
मैं भी पूरे जोश में उनका साथ दे रही थी।
फिर वो अंकल धर्मपाल आए, मुझसे बोले, “मुझे भी सेक्स चढ़ गया था।”
अंकल बोले, “तुम खुद किस करो!”
मैं उनको किस करने लगी।
अंकल और धर्मपाल साथ में बुब्स दबा रहे थे और दूसरे अंकल (सोनू) पीछे से गांड दबाने लगे।
फिर सोनू ने सलवार का नाड़ा खोल दिया और धर्मपाल ने शर्ट उतारने को बोला।
मैंने हाथ ऊपर कर दिया और कमीज धर्मपाल ने उतार दिया।
सोनू बोला, “बेड पर लेट जाओ!”
फिर दोनों एक-एक बुब्स ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगे और फिर ब्रा उतारकर बुब्स चूसने लगे।
फिर सोनू नीचे चले गए और चूत पर पैंटी के ऊपर से किस किया और हाथ से सहलाने लगे और चाटने लगे।
फिर पैंटी थोड़ी सी नीचे की घुटनों तक और दोनों टांगें फैलाकर चाटने लगे।
धर्मपाल अंकल दोनों बुब्स चूस रहे थे और साथ में किस।
मेरी चूत 2 मिनट तक चाटी सोनू ने और फिर धर्मपाल आ गया चाटने।
फिर अंकल सोनू बोले, “लंड भी देख!”
मैंने बिना सोचे मुँह में ले लिया.
उनको सेक्स चढ़ चुका था।
मैंने 1 मिनट चूसा और मुँह में ही झड़ गए वो।
मैं नीचे गिराने लगी, बुब्स पर थोड़ा सा गिरा था।
उन्होंने मुँह बंद कर दिया और बोले, “पी जाओ!”
फिर धर्मपाल अंकल आए, उनका मुँह में डालते ही छूट गया और साथ में मेरा भी।
सोनू अंकल ने चाट लिया।
फिर ब्रा-पैंटी बिल्कुल निकाल दी और किस करने लगे।
थोड़ी देर में फिर से दोनों का खड़ा हो गया।
सोनू अंकल ने वहाँ से एक चेयर ली और साफ़ की।
वहाँ पुराने सोफे का फोम पड़ा था, उस पर वो डाल दिया और बोले, “यहाँ घोड़ी बन जा!”
मैं वैसी ही बनी।
फिर अंकल ने मेरी गांड ऊपर उठाने को बोला और कमर नीचे और थोड़ी चौड़ी टांगें।
फिर उन्होंने लंड चूत में लगाया और मुँह के आगे हाथ कर दिया।
बोले, “हथेली को काट लो धीरे से!”
फिर थोड़ा सा अंदर किया और एकदम से पूरा अंदर डाल दिया!
मेरा पूरा शरीर काँप गया।
मैंने दर्द होने पर हाथ पर ज़ोर से काटा।
फिर धीरे-धीरे बाहर-अंदर किया।
खू.न तो नहीं आया लेकिन दर्द हुआ।
फिर थोड़ी देर 10 बार अंदर-बाहर किया।
फिर धर्मपाल अंकल आ गए।
वो पतले थे लेकिन लंड मोटा और बड़ा था। उनका लंड 8.5 इंच का होगा।
उन्होंने भी अंदर डालकर ज़ोर से किया।
इस बार दर्द हुआ लेकिन थोड़ा कम।
फिर थोड़ी देर किया उन्होंने भी।
फिर सोनू अंकल आए और गांड पर दोनों ने थूका।
अंकल ने धीरे-धीरे लंड गांड में दबाव डाला।
मैंने मना किया लेकिन वो नहीं माने।
फिर धर्मपाल अंकल ने मुँह पकड़ा और सोनू अंकल ने ज़ोर से अंदर डाला!
सच कहूँ, चूत की सील टूटी थी उससे भी ज़्यादा दर्द हुआ जब गांड की सील टूटी।
2 मिनट तक करते रहे, फिर मेरा दर्द कम हुआ।
फिर वे मुझे बेड पर ले गए।
धर्मपाल अंकल बेड पर लेटे और मुझे बोला, “गांड में डाल ले और फेस पैरों की तरफ कर लो!”
मैंने वैसे ही किया।
सोनू अंकल बेड से नीचे खड़े होकर चूत में डालने लगे।
मुझे ऐसा फील हुआ जैसे दोनों लंड आपस में टकराए हों!
फिर वे धीरे-धीरे हिले।
मुझे दर्द हो रहा था लेकिन मज़ा भी आ रहा था।
5 मिनट चोदा धीरे लेकिन फिर तेज़ तेज.
और दोनों झड़ गए अंदर ही।
सोनू अंकल मेरे ऊपर गिर गए और बोले, “मस्त चूत है यार तेरी! आज अच्छे से चोद कर जाऊँगा।”
फिर थोड़ी देर बाद बोले, “चूसकर दोबारा खड़े करो!”
5 मिनट में फिर से खड़े हो गए दोनों के।
धर्मपाल अंकल ने दीवार पर हाथ लगाने को बोला और फिर पीछे से चूत में डाला।
ज़ोर-ज़ोर से चोद रहे थे और 7 मिनट में चूत में ही झड़ गए।
मैं वैसे ही रही।
उनका पानी मेरी चूत से जाँघों पर आ रहा था।
फिर मैंने अपनी चूत साफ़ की।
सोनू अंकल बोले, “बेड पर ही ऊपर बैठ जा!”
फिर मैं थोड़ी देर में लंड पर उछली।
अंकल बोले, “थोड़ी गांड ऊपर उठा!” फिर उन्होंने गांड पर हाथ लगाकर नीचे से ज़ोर-ज़ोर के धक्के दिए।
वो भी 5 मिनट में झड़ गए।
मैं थक गई थी।
मैं 6 बार से ज़्यादा बार झड़ चुकी थी।
फिर उन्होंने 1 घंटा रेस्ट किया।
मैं दोनों के बीच में थी।
किस की और बातें करने लगे।
फिर मैंने कहा, “मैं नहाकर तैयार हो जाऊँ!”
बुरा हाल हो चुका था और घर वापस जाना था।
अंकल ने कहा, “चलो हम भी तैयार हो जाएँ।”
अंकल ने फुवारा चलाया और तीनों नहाने लगे।
सोनू अंकल को मैं किस करने लगी और कहा, “बहुत मज़ा आया मुझे!”
अंकल बोले, “एक बार और रह गया मेरी जान!”
फिर मुझे झुकाकर पीछे से लंड डाला और धर्मपाल ने आगे मुँह में।
3 मिनट बाद जगह बदली और मैं झड़ चुकी थी।
थोड़ी देर में फिर से दोनों झड़ गए और अबकी बार मैंने सोनू अंकल का पूरा माल पी लिया।
अच्छे से नहाकर बाहर निकल गए।
ब्रा-पैंटी तो दोनों ने चाट कर और मेरी चूत साफ़ कर-करके खराब कर दी थी।
मैंने उनकी तरफ देखा तो वो एक जोड़ी कपड़े लेकर आए थे, सिंपल गर्मी में पहनने वाले।
मैंने बाल कंघे से बना लिए और तैयार हो गई।
वो भी तैयार हो गए।
धर्मपाल अंकल ने 5000 रुपये दिए और बोले, “पूरी उम्र किसी भी चीज़ की कमी नहीं होने देंगे, बस मौका मिले तभी बुला लेना। और ये बात बस हम तीनों के बीच रहेगी।”
लास्ट बार दोनों ने किस किया और गले लगे।
फिर मैंने कहा, “धीरे से निकल जाओ।”
वो चले गए।
मैं भी ब्रा बेड के अंदर डाल दी और एक चादर, जिस पर बहुत दाग हो गए थे पानी के, उसे अच्छे से रखकर लॉक लगाकर घर आ गई।
जाते-जाते 4 बज गए थे।
सासु माँ ने सब्ज़ी काट दी थी।
मैंने जाते ही रोटी बनाई और खाकर सो गई।
अगले दिन उठी तो उठा नहीं गया।
चूत और गांड सूज गई थी और चुच्ची पर नीले-नीले निशान थे काटने के।
अंकल का मैसेज आया हुआ था।
मैंने रिप्लाई किया तो वो बोले, “वीडियो कॉल करो!”
मैंने की, दोनों साथ ही बैठे थे।
मैंने चूत और गांड दिखाई और चुच्ची पर निशान।
बोले, “इसे ही तो सेक्स बोलते हैं जान!”
मैंने कहा, “कोई ना, हो जाएगी ठीक आराम से।”
मैं गरम पानी से नहाई तो आराम मिला।
ये एकदम रियल स्टोरी है।