देसी गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई

वर्जिन फक कहानी में सुबह की सैर में एक लड़की मुझे घूरती थी. उससे मेरी दोस्ती हो गई. मैं उसे चोदना चाहता था पर डरता था. एक दिन मैंने उसके फोन में पोर्न साईट देखी.

फ्रेंड्स, मेरा नाम सागर शर्मा है और यह वर्जिन फक कहानी 2012 की है, तब मैं 22 साल का था.

उन दिनों मैं पुलिस की भर्ती की तैयारी कर रहा था.
सुबह ग्राउंड में दौड़ने जाता था, उसके बाद पुश-अप्स लगाता और घर आ जाता.

ये मेरा रोज़ का रूटीन था.
सुबह ग्राउंड पर पसीना बहाने की वजह से मेरी बॉडी काफी आकर्षक हो गई थी लेकिन मेरा पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर था.

फिर एक दिन ग्राउंड पर दो लड़कियां दिखाई दीं.
उन दिनों ग्राउंड पर अंकल और लड़के ही दिखाई देते थे.

शायद वे लड़कियां कहीं बाहर से आई थीं इसलिए उन्हें हमारे छोटे शहर का माहौल पता नहीं था.
वे दोनों रोजाना आने लगीं.
लेकिन मेरा ध्यान उन पर नहीं गया.

उन दोनों में से एक लड़की जो मुझे ही घूरती रहती थी … तो मेरा ध्यान बाद में उस पर गया.

फिर वह कहते हैं ना कि कामिनी के संग काम जाग ही जाता है!
वह एकदम दूध जैसी सफेद … और अपना रंग कहां लगता उसके आगे!

धीरे-धीरे बात शुरू हुई तो नंबर एक्सचेंज हो गए.

बातें होने लगीं तो पता चला उसके पिताजी का ट्रांसफर अभी-अभी हुआ है.
घर में वह, उसके पापा और मम्मी ही रहते हैं. वह सेकंड ईयर में थी.

अब तो मैं उसके घर भी आने-जाने लगा.
क्योंकि उसके मां-पापा दोनों सर्विस में थे और उन्हें सरकारी बंगला मिला था, तो मुहल्ले वाली कोई समस्या नहीं थी.
वर्ना किसी मुहल्ले में उसका घर होता तो कानाफूसी होने का डर था.

अब उसके साथ मेरे अरमान जाग गए थे.
पहली बार कुछ करने का चांस था!

हालांकि वह भी मुझे पसंद तो करती थी, पर कह नहीं पा रही थी.
एक-दो महीने बिना कुछ किए निकल गए … क्योंकि मेरी भी पहल करने से फटती थी.

आखिर एक दिन मौका मिल ही गया.
उस दिन जब मैंने उसकी सर्च हिस्ट्री मोबाइल में देखी तो उसमें पॉर्न साइट डाली हुई थी.
तो मैं समझ गया कि अभी ये गर्म-गर्म माल है, ठंडा होने से पहले ही खा लिया जाना चाहिए.

बस यहां से असली मज़ा शुरू होता है.
पहले मैं आप सबको उसके बारे में बता दूँ.

वह एकदम दूध जैसी रंग की, बड़े-बड़े दूध वाली माल लड़की है.
उसका गदराया सा बदन है.
उसके दूध और चूतड़ तो इतने गजब के दिखते थे कि बस पूछो ही मत … ऐसा लगता था कि कच्चा ही खा जाऊं उसे!
उसके चूतड़ और चूचे अभी ढीले नहीं हुए थे क्योंकि वह सील पैक थी.

उस दिन उस गर्म माल को चोदने के चक्कर में मैं कुछ आगे बढ़ने वाला ही था कि उसके घर में उसके पापा के ऑफिस का कोई कर्मचारी आ गया और मुझे वापस आना पड़ा.

अगले दिन मैं उसके लिए जूस लेकर गया क्योंकि उसने कहा था कि उसे कमज़ोरी लग रही है.
बाद में पता चला था कि उसने झूठ बोला था.
वह सिर्फ यह देख रही थी कि मैं उसकी परवाह करता हूँ कि नहीं.

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उसी दिन मौका देखकर मैंने उसे प्रपोज़ कर दिया.
और उसने मुझे हंसकर जवाब दे दिया- यस … आई लाइक यू!

बस फिर क्या … मेरे पैंट में टेंट बन गया.
वह हंस कर बोली- पैंट में कुछ छुपाया है क्या?

मैंने समझ लिया कि यह मेरे लौड़े को देखना चाहती है तो मैंने उसके सामने ही अपने लंड को सहलाया और उसे वासना से देखते हुए ही मैंने अपनी पैंट निकाल दी.
अब मैं चड्डी में था और वह मेरे कड़क लंड को ही घूरती जा रही थी.

वह कुछ कह पाती, मैंने आगे बढ़ कर उसे किस कर लिया.
वह पहले तो मुझसे दूर होने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसे कहीं जाने नहीं दिया.

मैं उसके होंठों को चूसता ही रहा और मेरा लंड उसके पेट से टकरा ही रहा था.
अब वह भी मुझे चूमने लगी.

मैंने किस करते-करते ही उसे पलंग पर गिरा लिया और उसे कसकर दबोच लिया.

मैं उसके होंठों को रगड़ने लगा और काटने लगा.
उत्साह में मैंने उसके पेट पर काट लिया तो वह दर्द से कराह उठी और मुझे धीरे करने को कहने लगी.

लेकिन मैं कहां रुकने वाला था!
मैंने उसके एक दूध को चूसना शुरू कर दिया और बाद में अपने दोनों हाथ से उसके दोनों दूध दबाने लगा.

वह मस्ती से चीख रही थी और कह रही थी- आह … प्लीज़ आराम से करो.

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उसके दोनों मम्मों के बीच में रख दिया और उसकी बूब फकिंग चालू कर दी.
उसे भी लौड़े को अपने दिल के पास रख कर अपने मम्मों को मिंजवाना अच्छा लग रहा था, तो वह अपने दोनों हाथों से अपने मम्मों में मेरे लौड़े को दबा कर उसे रगड़ रही थी.

वह मेरे लौड़े के सुपारे को अपनी जीभ से चाट रही थी.
उसका मुँह खुला हुआ था तो मैंने लौड़े को उसके मुँह में ही पेलना शुरू कर दिया और वह भी मेरे लौड़े को अपने मुँह में भर कर चूसने लगी.

उसके हाथ से मेरे दोनों गोटे लगातार सहलाए जा रहे थे और हम दोनों की आंखें एक दूसरे से मिली हुई थीं.
कुछ ही पलों में मेरा पानी उसके मुँह में ही छूट गया … क्योंकि यह मेरा पहली बार वाला मामला था, तो मुझसे रुका ही न गया.

वह मुँह में मेरे वीर्य को भरे हुई थी और मुझे अपने ऊपर हटाने का इशारा करने लगी.
मैं हटा और मैंने अपने रुमाल से उसका मुँह पौंछ दिया.

उसने मेरे रूमाल में ही मुँह में भरा हुआ लंड रस उगल दिया और वह जल्दी से उठ कर बाथरूम में मुँह धोने चली गई.
उसे घिन आ रही थी.

उसकी भुनभुन वाली आवाज से मुझे लगा कि आज इसको चोद पाना मुश्किल है.
उसके बाथरूम में जाते ही मैं अपने कपड़े देखने लगा और वापस जाने की तैयारी करने लगा.

लेकिन शायद उसने मुझे कपड़े उठाते हुए देख लिया था तो बाथरूम से ही आवाज़ लगाते हुए कहा- वहीं बैठे रहो और कहीं जाने की ज़रूरत नहीं है!
मैं बैठा रहा.

थोड़ी देर बाद वह बाहर आई … लेकिन टोटल न्यूड!
मैं सन्न रह गया.

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मैं समझ गया कि अब ये बिना चुदे मानने वाली नहीं है.
मैंने भी जल्दी से अपने अंडरवियर को उतार दिया और उसे बिस्तर पर खींचकर दबोच लिया.

उसने कहा- प्लीज़ पहले जैसे काटना मत … प्लीज़ यार लगती है.
मैंने कहा- ओके.

मैंने कुछ देर उसे प्यार किया तो मेरा लंड वापस सख्त हो गया.

अब मैंने अपना लंड उसकी चुत के छेद पर रख दिया.
वह मस्ती से बोली- अबे घोंचू, मेरी चूत सूखी है!

मैंने झट से अपना थूक निकाला और उसकी चूत पर लगाकर लंड को फांकों में रगड़ने लगा.
वह मस्ती से गांड उठाने लगी तो मैंने एक करारा झटका दे दिया. मेरा आधा उसकी चुत के अन्दर सरकता चला गया.

वह चीखती हुई बोली- ऊई मां … मर गई … प्लीज़ हट जाओ.

मैंने उसका मुँह अपने मुँह से बंद कर लिया और एक हाथ से उसके दोनों हाथ ज़ोर से पकड़ लिए.
दो बार तेज़ तेज़ झटके दिए तो मेरा पूरा लंड उसकी चुत में अन्दर तक चला गया!

अब वह दर्द से छटपटाती हुई पैर पटकने लगी.
उसकी आवाज निकल नहीं पा रही थी क्योंकि मुँह तो मैंने मुँह से और हाथ से हाथ पकड़ रखे थे.

मैंने उसके पतले-पतले पैरों को अपने मजबूत पैरों से दबा रखा था.
अब वह हिल भी नहीं सकती थी … क्योंकि मैं सत्तर किलो का था और उसके ऊपर लदा हुआ था.

फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के देना शुरू किया.

मेरा एक बार पहले निकल चुका था, इसलिए मैं देर तक चुदाई करता रहा.
वह मेरे नीचे दबी रही.

फिर मैंने झड़ने के बाद उसके पैर और हाथ छोड़ दिए लेकिन उसके ऊपर ही लेटा रहा.

वर्जिन फक करने के बाद मैं झड़ कर बहुत रिलैक्स फील कर रहा था.
जैसे ही मैंने उसके होंठों को मुक्त किया, तो वह लंबी सांस लेती हुई बोली- ऊई मां … मार ही डालोगे क्या? तुम बहुत बुरे हो … चोदते भी हो और काटते भी हो.
बस मैं उसे चूमता रहा.

बाद में उसने मुझे बताया कि उसने अपने मम्मी-पापा को कई बार सेक्स करते देखा है.
वह सोने का नाटक करती थी और रोज़ रात को पूरा सेक्स देखती थी.
वह चुदाई देखती थी, तो उसे लगता था कि कोई मर्द औरत के पेट पर चढ़ता है तो वह प्रेग्नेंट हो जाती है.

उसे लगता था जब उसके पापा उसकी मम्मी को चोदते हैं और धकापेल धक्के देते हैं, तो उसके पापा उसकी मम्मी के साथ जबरन लड़ाई कर रहे हैं.

जब मैंने उसकी पहली बार चुदाई की और उसके ऊपर चढ़कर उसे चोदा, तो उसे अपनी मूर्खता भरी सोच याद आ कर हंसी आ गई.
उसे चुदाई का मजा आया तो वह समझ गई कि लोग चुदाई मजे के लिए करते हैं न कि लड़ते हैं.

दोस्तो, यह मेरी गर्लफ्रेंड सुमेधा की पहली चुदाई की कहानी थी.
वर्जिन फक कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.

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