Xxx सिस्टर फक सेक्स स्टोरी में मैं मामा के घर गया तो दीदी के साथ बेड पर सोता था. मेरे हाथ उनके बदन पर लगते रहते थे, मुझे मजा आता था. उनको भी मजा लेना था.
फ्रेंड्स, मेरा नाम रॉनी है.
मैं ओडिशा का रहने वाला हूँ. अभी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ.
मैं 23 साल का हूँ. हाइट 5 फीट 7 इंच है और मेरा लंड 6 इंच का है. यह काफी मोटा भी है, जिससे किसी लड़की को तो छोड़ो, चुदी चुदाई औरत को भी बहुत मजा आता है.
मेरी ममेरी बहन का नाम स्मिता है.
वह अभी 26 साल की है और शादीशुदा है.
उसकी हाइट 5 फीट 5 इंच है.
स्मिता दिखने में आइटम गर्ल है. उसका बदन 34-32-36 का है.
ये मेरी पहली Xxx सिस्टर फक सेक्स स्टोरी है.
दरअसल, जो मैं बताना चाह रहा हूँ, वह मुझे सबसे ज्यादा पसंद और हैरान करने वाली घटना से जुड़ा हुआ है.
हैरान कर देने वाली घटना इसलिए क्योंकि यह एक सील पैक चुत की चुदाई से जुड़ी सेक्स कहानी है.
वैसे तो मैंने कई लड़कियों को चोदा है लेकिन आज मैं आपके सामने अपनी सभी सच्ची सेक्स कहानियों में से एक इस भाई बहन सेक्स कहानी को बताने जा रहा हूँ.
मैंने जवानी की शुरुआत से ही अपनी बहनों या पड़ोस की हमउम्र लड़कियों के साथ खेल खेल में सेक्स करने के अलावा सब कुछ सीख लिया था.
मुझे लड़कियों के साथ ये सब करने में बहुत अच्छा लगता था.
पहले-पहले नई लड़की के साथ डर भी लगता था लेकिन मुझे लड़कियों को उत्तेजित करना अच्छे से आने लगा था.
ये कहानी लॉकडाउन के समय की है.
उस वक्त मेरे परिवार में कुछ पर्सनल हेल्थ इश्यू की वजह से मम्मी-पापा बाहर रह रहे थे.
मेरा गांव और मामा जी के घर आना-जाना लगा रहता था क्योंकि एक जगह रहकर बोर हो जाता था.
जब भी मैं मामा जी के घर आता तो मेरी स्मिता दीदी और उसका बड़ा भाई मेरा ध्यान रखते थे.
बड़े भाई शादीशुदा है, तो वे भाभी के साथ अपने कमरे में सोते हैं.
मैं और स्मिता दीदी एक कमरे में सोते थे और मामा-मामी एक कमरे में.
मैं दोपहर में दीदी के पास लेटा था और मूवी देख रहा था.
मैंने उसे अपने गले से चिपकाया हुआ था … ये हमारे बीच सामान्य सी बात थी.
मूवी देखते-देखते मैं सो गया.
मेरी नींद में हाथ फेरने की गंदी आदत थी तो मेरा हाथ कब उसके दूध पर टच हो गया, पता ही नहीं चला.
जब उसने मेरा हाथ अपने ऊपर से हटाया, तब मेरी नींद टूट गई.
कुछ समय बाद मैं फिर से हाथ फेरने लगा.
इस बार मैं जागा हुआ था और नींद में होने की ऐक्टिंग करते हुए उसके दूध दबा रहा था.
उसने मेरा हाथ हटा दिया.
मैंने कुछ देर बाद फिर से रख दिया.
इस तरह से 2-3 बार करने के बाद अब उसने मेरा हाथ हटाना बंद कर दिया.
मैंने देखा कि अब वह कुछ नहीं कर रही थी.
तो मैं हल्के-हल्के से उसके बड़े बड़े मम्मों को बारी बारी से दबाता जा रहा था.
उसने भी मजा लिया.
फिर मैं सच में सो गया.
वह भी सो गई.
रात को मामी और भाभी ने मिलकर खाना बनाया.
हम सब खाना खाकर थोड़ी देर बैठकर बातें कीं.
उसके बाद सब अपने-अपने कमरे में सोने चले गए.
मैं शॉर्ट और बनियान में था.
उस समय दीदी एक टॉप और लंबी स्कर्ट में सोने आ गई.
मैं और दीदी एक ही बेड पर सो गए.
दिन में बारिश हुई थी तो थोड़ी ठंड सी लग रही थी.
इसलिए हम दोनों एक ही कंबल में सो गए.
वह अपनी बॉयफ्रेंड से बातें करने लगी और मैं अपनी जीएफ से.
हम दोनों में यह सब खुला था तो हम दोनों इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करते थे.
मेरी जीएफ को नींद आने लगी, तो वह सो गई.
लेकिन मुझे दिन में थोड़ी झपकी लेने की वजह से नींद नहीं आ रही थी.
मैंने धीरे से दीदी को अपने जिस्म से चिपका लिया और धीरे-धीरे उसके दूध पर हाथ फेरने लगा.
जैसे दिन में उसके दूध दबा रहा था, वैसे ही अब भी दबा रहा था.
वह अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी और थोड़ा-थोड़ा आहें भर रही थी- आह … इस्स आह …
उसका बीएफ बोला- क्या हुआ?
उसने जवाब दिया- कुछ नहीं, ठंड लग रही है इसलिए आवाज निकल गई!
इधर हम दोनों चुपचाप यह सब करते रहे.
कुछ समय बाद मैंने धीरे-धीरे उसके पेट पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और फ्रॉक के ऊपर से उसकी चूत को दबाने लगा.
वह मेरा विरोध नहीं कर रही थी और मैं भी उसके अच्छे से मजा ले रहा था.
उसकी चूत पर बाल थे, उसने अपनी झांटों को शायद अब तक कभी भी ट्रिम या शेव नहीं किया था.
जब मैं उसकी चूत दबा रहा था तो मुझे एकदम रूई जैसा लग रहा था.
मैंने धीरे-धीरे करके उसकी फ्रॉक ऊपर कर दी और पैंटी के ऊपर से चूत को दबाया.
फिर पैंटी के अन्दर से उसकी चूत में एक उंगली डाल दी.
वह फिर से सिसक गई- उम्मह …
उसका बीएफ कुछ बोलता उससे पहले ही उसने अपने दोस्त से कहा- यार बहुत नींद आ रही है, कल बात करती हूँ. आई लव यू!
यह बोलकर कॉल काट दी.
अब दीदी चुपचाप पड़ी रही.
मैं पैंटी के साइड से उसके चूत के दाने को छेड़ रहा था और चुत में उंगली करने लगा था.
तब दीदी ने अपनी टांगें जोर से कस लीं.
मैं उसके गले पर किस करने लगा तो दीदी पागल होने लगी और कामुक आवाजें निकलने लगी- आह आह इस्स आह!
तभी मैंने दीदी की चूत में अपनी एक उंगली पूरी अन्दर डाल दी.
दीदी ने टांगें कसके मुझे जोर से भींच लिया और जोर-जोर से चुंबन करने लगी.
वह नीचे से अपनी गांड चलाने लगी और उंगली को अन्दर तक लेने लगी.
फिर मैंने धीरे-धीरे दूसरी उंगली भी डाल दी.
दूसरी उंगली से दीदी को थोड़ा दर्द हुआ, पर वह सह गई.
अब मैं दीदी की चुत में जोर-जोर से फिंगरिंग करने लगा था.
वह अपनी गांड आगे पीछे करके उंगली से चुत चुदाई का मजा ले रही थी.
इधर किस भी चालू था.
मैं अपने एक हाथ से उसके टॉप को उठाकर दूध दबाए जा रहा था.
फिर मैं दीदी के एक दूध को अपने मुँह में भर कर जोर-जोर से चूसने लगा और पीने लगा.
दीदी मेरे बाल सहला रही थी और अपने दूध को मेरे मुँह से जोर से दबा रही थी
फिर मैंने दीदी के मम्मे पर लव बाइट दे दिए.
वह हंसने लगी.
मैंने पूछा- हंसी क्यों?
तो वह बोली- मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने आज तक कभी लव बाइट नहीं दिया!
मैंने सोचा कि इसका मतलब यह हुआ कि दीदी चुद चुकी हैं. पर उनकी बड़ी बड़ी झांटें कुछ और ही कह रही थीं.
अब मैं दीदी के ऊपर चढ़ गया और मिसनरी पोज में उसको चोदने की सैटिंग करने लगा.
मैं किस करने लगा और नीचे से अपनी उंगली चुत में चलाता हुआ सेक्स करने के जैसे कर रहा था.
दीदी फुल मूड में थी और एंजॉय कर रही थी.
उसने मुझे जोर से पकड़ रखा था … अपनी टांगों से और हाथों से भी.
ऐसा करते-करते रात के दो बज चुके थे.
फिर जब मैंने अपना लौड़ा शॉर्ट्स के अन्दर से निकाल कर दीदी की जांघों के बीच में रखा, तो वह कुछ समय के लिए ठिठक गई.
फिर उसने मेरा लौड़ा पकड़ लिया.
मैं कुछ समझ पाता कि उसने मेरे लौड़े को वापस मेरी शॉर्ट्स के अन्दर डाल दिया.
वह बोली- मैं अभी सो रही हूँ. बहुत तेज नींद आ रही है और अब जगाना मत!
मुझे लगा कि शायद वह लंड से डर गई और मुझे बच्चा समझ रही है कि कहीं मैं लंड का सारा माल उसकी चुत के अन्दर ही न डाल दूँ.
उस वक्त मेरे पास कंडोम भी नहीं था, तो मैं कुछ बोल भी नहीं पाया और सो गया.
सुबह करीब पांच बजे मेरी नींद टूटी तो मुझे अपना लंड कुछ गीला सा लगा.
मैंने हाथ लगाया तो पाया कि दीदी मेरे लंड को मुँह में भर कर चूस रही थी.
मैंने कुछ नहीं किया और चुपचाप लंड चुसवाता रहा.
कुछ देर में मेरा लंड एकदम कड़क हो गया तो दीदी ने उठ कर मेरे लौड़े पर अपनी झांटों से घिरी चुत को हाथ से पकड़ कर लंड पर सैट कर दिया और अन्दर लेने लगी.
मैं चुत की कसावट महसूस कर रहा था तो मेरा मन नहीं मान रहा था कि वह चुदी हुई है.
हालांकि यह मेरा अनुमान ही था क्योंकि दीदी चुदने के लिए मेरे लौड़े को चुत में लगाने लगी थी तो यह अनुमान गलत भी हो सकता था और सही भी.
फिर जब उसने अपनी चुत में मेरा लंड लेना शुरू किया तो वह सुपारे को ही नहीं झेल सकी.
वह चुदाई कांड करने से पहले ही लौड़े से उतर कर मेरे बाजू में लेट गई.
अब मेरे लंड को चुत की गर्मी का अहसास हो चुका था तो मैंने उसके कान में कहा कि मैं चुदाई कर चुका हूँ और लंड को झड़ने से पहले चुत से बाहर निकाल लूँगा. तुमको चुदाई का मजा लेना है तो बोलो!
वह बोली- ठीक है आ जाओ ऊपर!
मैं चढ़ गया और कायदे से कसी चूत को चूस कर गीली की और झांटों को हटा कर लंड को चुत में सैट कर दिया.
उसने कहा- पहले दूध चूसो!
वह कुछ डर सी रही थी तो मैंने उसके डर को खत्म करने के लिए उसके दूध चूसना शुरू कर दिए.
वह मस्त होकर मेरे लंड को अपनी चुत से चूम रही थी और कमर को आगे पीछे करके लौड़े की गर्मी से खुद को तैयार कर रही थी.
फिर जब वह चुदने के लिए रेडी हो गई तो वह बोली- हां अब पेलो.
मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ जमा कर लंड को झटका दे दिया.
उसकी सांस हलक में अटक गई और वह चिल्लाने को हुई. मगर मैंने उसे चीखने ही नहीं दिया.
दीदी की चुत कुंवारी थी और सील तोड़ने का अवसर मुझे ही मिला था.
कुछ देर के दर्द के बाद वह चुदवाने लगी और मैंने दस मिनट तक दीदी को मस्त पेला.
Xxx सिस्टर फक सेक्स के बाद झड़ने के समय मैंने उससे पूछा- और चाहिए?
वह बोली- मैं दो बार झड़ चुकी हूँ!
मैंने झट से लंड को चुत से खींचा और हाथ से मुठ मार कर रस बाहर टपका दिया.
काफी थकान हो गई थी तो हम दोनों अपने अपने कपड़े सही करके सो गए.
लॉकडाउन में दवा की दुकानें खुली थीं तो मैं अगले दिन ही एक दूर वाली दुकान से कंडोम का बड़ा पैक ले आया था और रोज रात को कंडोम इस्तेमाल करके सुबह लॉकडाउन में ढील के समय मुँह पर मास्क लगा कर दूर जाता और किसी कचरे के डब्बे में कंडोम की पुड़िया फेंक आता.
उसके बाद मैं जब तक उधर रहा, दीदी को खूब चोदा.
उसने अपनी चुत की झांटों को भी साफ कर दिया था और वह मेरे लौड़े को भी खूब चूसने लगी थी.
मेरी बहन मुझसे चुदवा कर बहुत खुश थी.
वह शादी के बाद अब भी मुझसे चुद जाती है.